हर दूसरे दक्षिण एशियाई परिवार में किसी न किसी को बीपी की दवा चल रही है। और हर किसी ने सुना है कि "गुड़हल की चाय पियो, बीपी ठीक रहेगा"।
इस बार दावा सच के काफ़ी करीब है — पर जितना लोग समझते हैं उतना बड़ा नहीं।
शोध क्या कहता है
गुड़हल (Hibiscus sabdariffa) पर कई नियंत्रित अध्ययन हुए हैं। निचोड़: रोज़ाना पीने से सिस्टोलिक बीपी में लगभग 5–7 mmHg की कमी दिखी है, डायस्टोलिक में उससे कम।
यह थोड़ा है, पर बेकार नहीं। नमक कम करना, रोज़ टहलना और वज़न घटाना — इन सबका असर इसी आसपास का होता है। सब मिलकर फ़र्क बनाते हैं। अकेली चाय दवा की जगह नहीं लेती।
आयुर्वेद में जपा
आयुर्वेद में गुड़हल को जपा / जपापुष्प कहा गया है। भावप्रकाश में यह शीत (ठंडा) और पित्तशामक है, और इसका प्रयोग रक्तपित्त और बालों के लिए बताया गया है। यही वजह है कि गर्मी में और चिड़चिड़ेपन में यह सूट करती है।
सही तरीका
- 1–2 चम्मच सूखे फूल, 1 कप उबलता पानी, 5–10 मिनट ढककर रखें — ढकना ज़रूरी है, वरना सुगंध उड़ जाती है
- दिन में 2–3 कप — अध्ययनों में यही मात्रा थी
- मीठा चाहिए तो स्टीविया की चुटकी — चीनी डालेंगे तो पूरा पॉइंट ख़त्म
- ठंडा भी अच्छा — गर्मियों में iced hibiscus, नींबू के साथ
- लगातार 6 हफ़्ते — असर धीरे-धीरे आता है
➜ ऑर्गेनिक हिबिस्कस (गुड़हल) चाय देखें
निसर्ग की हिबिस्कस चाय — पूरे फूल की पंखुड़ियाँ, छाया में सुखाई। कोई कृत्रिम रंग, कोई फ्लेवर, कोई चाय की पत्ती मिलावट नहीं — इसीलिए कैफीन शून्य, शाम को भी पी सकते हैं। भारत से सीधे, अमेरिका डिलीवरी।
सबसे ज़रूरी सावधानी
बीपी की दवा के साथ: गुड़हल और दवा दोनों बीपी घटाते हैं — मिलकर ज़्यादा घट सकता है (चक्कर, खड़े होते ही अंधेरा)। घर पर बीपी नापते रहें और डॉक्टर को बताएँ।
हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड और कुछ दवाओं के साथ गुड़हल के असर को लेकर मिश्रित डेटा है — दवा और चाय में 3–4 घंटे का अंतर रखें।
गर्भावस्था में नहीं। खाली पेट ज़्यादा तेज़ चाय से कुछ लोगों को एसिडिटी होती है।
बालों के लिए भी
परंपरा में जपापुष्प का सबसे पुराना उपयोग बालों के लिए है — फूल का पाउडर दही या पानी में मिलाकर हफ़्ते में एक बार सिर में। डैंड्रफ और स्कैल्प की खुजली में आराम।
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ये खाद्य पूरक हैं, दवाइयाँ नहीं। इन कथनों का मूल्यांकन यू.एस. फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा नहीं किया गया है। किसी रोग के निदान, उपचार, इलाज या रोकथाम के लिए नहीं।